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अलग हटके प्राचीन

क्या है ‘घोस्ट टाउन’ की कहानी?


Pooja cloths house

कहते है पहले ‘घोस्ट टाउन’ आम टाउन ही था। यहां अच्छी खासी बसापत हुआ करती थीं। लेकिन क्या आपको पता है यह शहर अचानक से रातोंरात ही खाली हो गया था। अब कोई बसा-बसाया शहर रातोंरात

सेंट्रालिया का ‘घोस्ट टाउन’

खाली हो जाए, यह सुनने में बड़ा अजीब सा लगता है। बिल्कुल ऐसा ही हुआ था, अमेरिका के पेन्सिलवेनिया में स्थित सेंट्रालिया टाउन में। आज से करीब 60 साल पहले ऐसा हुआ है, क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया जाता तो शायद वहां एक भी आदमी जिंदा नहीं बचता।

क्या है इसके पीछे का कारण?
अब बरसों से ये जगह बिल्कुल वीरान पड़ी हुई है। इसीलिए लोग इसको अब ‘घोस्ट टाउन’ के नाम से बुलाते हैं। ‘घोस्ट टाउन’ के नाम से मशहूर इस जगह पर लोग कभी -कभार घूमने के लिए आया करते हैं। जिसके कारण अब यह अमेरिका के टूरिस्ट स्पॉटस में से एक है।

घोस्ट टाउन

लेकिन इस टॉउन में जगह-जगह पर चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को खतरों से आगाह किया गया है।
‘घोस्ट टाउन’ की जमीनी कहानी यह बताती है कि यहां जमीन के नीचे पिछले 60 सालों से निरंतर भयंकर आग लगी हुई है। सेंट्रालिया की यही कभी ना बुझने वाली आग का रहस्य दुनियाभर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। दरअसल, सेंट्रालिया को ‘घोस्ट टाउन’ से पहले कोयले की खदानों के लिए मशहूर पाया गया है।

 

 

‘घोस्ट टाउन’ की रहस्य
साल 1962 में शहर और शहर के आसपास जमीन पर फैले कचरे में आग लग गई थी। जिसके बाद धीरे-धीरे आग ने जमीन के नीचे मौजूद कोयले की खदानों को अपना निशाना बनाया। जिसके कारण जमीन शहर में कार्बन-मोनोक्साइड जैसी कई जहरीली गैसें तेजी के साथ फैलने लगीं और लोग बीमार होने व मरने लगे। दिनोंदिन ये समस्या गंभीर होती जा रही थी। इस वजह से शहर के लोगों ने शहर छोड़ने का निर्णय लिया और रातोंरात ये शहर वीरान हो गया। आपको बता दें कि एक समय में इस शहर में करीब 1500 लोग रहा करते थें।

‘घोस्ट टाउन’

‘घोस्ट टाउन’ के नाम से मशहूर सेंट्रालिया के बारे में अगर विशेषज्ञों की मानें तो यहां की जमीन के नीचे आज भी इतना कोयला मौजूद है, जो अगले 250 साल तक निरंतर आग जलने के लिए काफी है। यहां की धधकती जमीन ने सड़कों तक को गला दिया हैं, जिसके कारण सड़कों से धुआं निकलता रहता है।
अमेरिकी सरकार ने जमीन के नीचे लगी इस आग को बुझाने के बारे में कई बार सोचा। लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ये आग अरबों रुपये के खर्चे के बाद भी ठीक होगी की नहीं। इसीलिए लोगों ने यहां से जाना ही उचित समझा।

आप भी अगर ऐसी किसी जगह के बारे में जानते हैं तो आप हमें eyuvabharat@gmail.com पर भेज सकते हैं।

Written by: Vanshika Saini
YUVA BHARAT SAMACHAR 

 

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