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थायरॉइड की समस्या है तो कर लीजिए ये तीन योगासन, मिलेगी राहत

थायरॉइड का सांकेतिक चित्र

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आज ना चाहते हुए भी हर दूसरा व्यक्ति बीमारियों की दलदल में फंसा हुआ है। अब ऐसे में जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर है, उनके लिए योग ही एकमात्र ऐसा तरीका रह गया है। जो उन्हें इस दलदल से बाहर निकाल तंदुरस्त कर सकता है। ना सिर्फ़ भारत बल्कि दुनिया भर में योग बीमारियों से लड़ने में रामबाण का काम कर रहा है। योग करने के कई फायदे हैं। योग आपको फिट तो रखता ही है, साथ ही आपके मन को भी शांत रखता है।

थायरॉइड का सांकेतिक चित्र

वैसे तो लोगों में रक्तचाप, मधुमेह और थायरॉइड जैसी बीमारियां आम हो चली हैं। अक्सर इन परेशानियों से महिलाऐं लड़ती नज़र आती हैं। लेकिन आज हम बात करेंगे थायरॉइड की।

क्या है थायरॉइड?
थायरॉइड एक ऐसी बीमारी है। जो दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। असल में यह गर्दन में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है। जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है। लेकिन वो कहते है ना कि अति हर चीज़ की बुरी होती है। बिल्कुल ऐसे ही, यदि थायरॉइड ग्रंथि ज्यादा थायरॉक्सिन हार्मोन पैदा करने लगती है। तो फलस्वरूप शरीर में कई परेशानियों होने लगती हैं। साथ ही मेटाबॉलिज्म का बैंलेस बिगड़ जाता है। जो शरीर के वजन के हिसाब को खराब करता चला जाता है।

डॉक्टरों की मानें तो थायरॉइड दो प्रकार का होता हैं-

1. हाईपोथॉयरायडिज्म
इस समस्या में बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी रहती है। साथ ही उसे ठंड बर्दाश्च नहीं होती और व्यक्ति का वज़न न चाहते हुए भी बढ़ता चला जाता है।

2. हायपरथॉयरायडिज्म
इस समस्या में थकावट महसूस होती है और ठीक से नींद नहीं आती। साथ ही उसे गर्मी बर्दाश्च नहीं होती और व्यक्ति का वज़न कम होता चला जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक जो लोग थायरॉइड की समस्या से परेशान होते है। उनके लिए योग करना बहुत ही फायदेमंद है। वहीं आज हम ऐसे ही योगासन के बारे में आपको बतायेंगे।

– हलासन
बेशक इस आसन का अभ्यास करना थोड़ा कठिन है। लेकिन बहुत ही लाभकारी है। ये कंधों और रीढ़ की हड्डी में खिचांव पैदा करने, कमर दर्द, सिर दर्द को कम कर तनाव और थकान मिटाता है। इस आसन को इस तरह से किया जाता है-

हलासन

सबसे पहले जमीन पर सीधा लेट जाएं।
अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखें और पैरों को आपस में जोड़ लें।
अब अपने दोनों पैरों को धीरे से ऊपर की ओर उठा लें।
उसके बाद अपने नितम्ब को भी हल्का सा ऊपर उठा लें।
अब अपने हाथों की मदद से अपने दोनों पैरों को सिर के पीछे जमीन की ओर ले जाएं।
अब अपने पैर और घुटनों को सीधे रखें।
और अपने हाथों को नितम्ब के पास रख लें।
इस स्थिति में अपने आप को थोड़ी देर स्थिर रखें।

– विपरीतकरणी
ये योगासन करने में बेहद ही सरल है। इस आसन से सिर दर्द, कमर दर्द, घुटनों के दर्द से छुटकारा मिलता हैं। इस आसन को इस तरह से किया जाता है।

विपरीतकरणी

सबसे पहले दीवार के सहारे पैर लगाकर जमीन पर लेट जाएं।
उसके बाद अपने पैर और कूल्हे को दीवार के सहारे लगाकर ऊपर की तरफ उठा लें।
इस अवस्था में कम से कम 5 से 10 मिनट तक रहें।

– मत्सयासन
वैसे तो मत्सयासन को लोग फिश पोज भी कहते हैं। इस आसन को करने से कमर के दर्द से राहत मिलती है। ये रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बनाये रखने के लिए, मांसपेशियों का तनाव दूर करने के लिए, कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए और घुटने के दर्द को कम करने में कारीगर है। इस आसन को इस तरह से किया जाता है।

मतस्यासन

जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
हथेलियों को जमीन की तरफ रखते हुए अपने हाथों को शरीर से सटा लें।
अपनी सांसों को अंदर की ओर खींचते हुए पैरों को ऊपर की तरफ उठा लें।
अपने हाथों का सहारा लेते हुए सीधी टांगों को सिर की तरफ झुकाते हुए पैरों को सिर के पीछे ले जाएं।
अब पैरों के अंगूठे से जमीन को छुएं और अपनी हथेलियों को जमीन पर सीधा रख लें।
इस अवस्था में करीब एक मिनट तक रहें।
सुरक्षित रहें स्वस्थ रहें।

Written By: Vanshika Saini 
Yuva Bharat Samachar

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