"> ');
Home » गलवान घाटी में जो हुआ उसके लिए चीन जिम्मेदार, चीन सेना ने पूरी प्लानिंग के साथ किया काम
अंतर्राष्ट्रीय

गलवान घाटी में जो हुआ उसके लिए चीन जिम्मेदार, चीन सेना ने पूरी प्लानिंग के साथ किया काम

Yuva Bharat Samachar-Ek Naya Nazariya

Pooja cloths house

15 जून की रात लद्दाख सीमा पर चीनी सैनिकों ने जो कदम उठाए वह वाकई निंदनीय है। 15 जून की रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच 8 घंटे हिंसक झड़प होती रही। दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे का पीछा करते रहे, झड़प पत्थर और कांटे लगे हुए डंडे से हुई। जिसमें कुछ सैनिक गलवान नदी में गिर गए।

इस हिंसक झड़प को लेकर भारत का साफ तौर पर कहना है कि चीन ने सब पूरी प्लानिंग के साथ किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांय यी के बीच फोन पर बातचीत हुई। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि सीमा पर जो भी कुछ हो रहा है,उसके आप ही जिम्मेदार है और आपकी सेना ने सोच समझकर कदम उठाया था।

वहीं चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि 15 जून की शाम को दोनों मोर्चे के बीच सैन्य स्तर की बैठक में जो सर्वसम्मति बनी थी। उसको भारतीय सैनिकों ने तोड़ा है साथ ही यह भी कहा कि गलवान घाटी में स्थिति सामान्य होने पर भारतीय सैनिकों ने एलएसी को पार किया। हमारे सैनिकों को भड़काया. जबकि भारत का कहना है कि जो भी चीन ने किया वह साजिश के तहत किया गया।

एस जयशंकर ने कहा कि सीमा पर इस झड़प का द्विपक्षीय संबंधों पर बहुत गहरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वक्त की मांग यही है कि चीन अपने इस कदम का फिर से मूल्यांकन करे और कदम उठाए। साथ ही यह भी कहा गया कि दोनों पक्षों को हाई लेवल पर बनी सहमति को समझना चाहिए और उसे गंभीरता से लागू करना चाहिए। द्विपक्षीय समझौतों का दोनों ही पक्ष पालन करें। तय की गई लाइन ऑफ कंट्रोल का सम्मान करें और इसे बदलने के लिए कोई एकतरफा कार्रवाई ना करें।

– क्या है मसला
जिस तरह से चीन लगातार कह रहा था कि बातचीत से मामले को सुलझा लिया जाएगा और शांति से ही काम होना सही है। वो सिर्फ इंटरनेशनल लेवल पर चीन का ड्रामा था। गलवान घाटी में सोमवार रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई। जो पूरे 8 घंटे तक लगातार चलती रही। चीनी सैनिकों की इस हरकत से साफ है कि चीन ने सोच-समझकर सब कुछ पूरी प्लानिंग के साथ किया। आपको बता दें कि इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए हैं। जबकि जानकारी है कि चीन के 45 सैनिक मारे गए। यह पहली बार नहीं है कि गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच झड़प हुई है। गलवान घाटी में 1962 के दौरान भी जंग हुई थी। जिसमें 33 भारतीय सैनिकों की जान चली गई थी।

Written By: Pooja Sahaniya
YUVA BHARAT SAMACHAR

We are hiring

Suraj mobile center

Suraj mobile center