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हमारे जवान मारते मारते मरेः पीएम मोदी

Yuva Bharat Samachar-Ek Naya Nazariya

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जिस तरह से चीन और भारत के बीच लद्दाख में झड़प हुई। उससे पूरा देश आहत है, सभी ने जवानों की शहादत को नमन करते हुए उन्हें सम्मान दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन से विवाद पर पहली बार कोई बयान दिया है। पीएम ने कहा कि- ‘जिन जवानों की शहादत हुई है वह बिल्कुल भी बेकार नहीं जाएगी। हमें अपने जवानों पर गर्व है और हमेशा रहेगा। हमारे सैनिक मारते मारते मरे हैं’।

– पीएम ने दी श्रद्धांजलि
बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोनावायरस पर बातचीत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने जवानों को श्रद्धांजलि दी और 2 मिनट का मौन धारण किया।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरा देश जवानों के साथ हैं। देश की भावनाएं जवानों के साथ है। चाहें कैसी भी स्थिति और परिस्थिति हो हम देश के स्वाभिमान की रक्षा करेंगे।

– पीएम का चीन को संदेश

पीएम ने कहा कि भारत किसी भी विवाद को शांति के साथ निपटाने की कोशिश करता है। हम किसी को बिल्कुल भी नहीं उकसाते हैं, लेकिन हम अपनी अखंडता और संप्रभुता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि- ‘त्याग और तपस्या हमारे चरित्र का हिस्सा है। विक्रम और वीरता भी हमारे चरित्र का हिस्सा। देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता। इसमें किसी को भी भ्रम नहीं होना चाहिए। भारत शांति चाहता है लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है । हमारे दिवंगत शहीद वीर जवानों के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं’।

आपको बता दें कि 15 जून की रात लद्दाख की बलवान घाटी में एलएसी पर चीन  और भारत की सेना में झड़प हुई। जिसमें 20 जवान शहीद हो गए। बताया गया है कि चीन के भी करीब 40 जवान भी हताहत हुए। लेकिन आधिकारिक तौर पर उनकी कोई संख्या नहीं बताई गई है। लगातार चीन भारत पर ही कार्रवाई का आरोप लगा रहा है जबकि भारत ने साफ तौर पर कह दिया है कि यह पूरी घटना चीन की साजिश है।

– 19 जून को सर्वदलीय बैठक
दोनों देशों की सीमा पर अभी भी तनाव बना हुआ है।  बातचीत से मसला सुलझाने की कोशिश की जा रही है। मोदी ने 19 जून को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। जानकारी है कि भारत चीन के खिलाफ कड़े से कड़े कदम उठा जा सकते है। चीनी प्रोजेक्ट को लेकर भी सतर्कता बरती जाएगी। यह भी संभव है कि सभी प्रोजेक्ट्स को रद्द कर दिया जाए। जिनमें चीनी कंपनियों ने करार हासिल किए हैं इन प्रोजेक्ट में मेरठ रैपिड रेल का भी प्रोजेक्ट शामिल है।

Written By: Pooja Sahaniya
YUVA BHARAT SAMACHAR

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