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सुप्रीम कोर्ट ने भगवान जगन्नाथ यात्रा से रोक हटाई, सावधानी बरतने के आदेश


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कोरोना संकट के चलते सभी देश परेशान हैं। हर तरफ जीने का तरीका बदल गया है। भारत में लॉकडाउन का अनलॉक 1 चल रहा है। सभी कोरोना से बचने की कोशिश में लगे हुए हैं। ज्यादा काम कोरोना के कारण रुक गए हैं लेकिन भगवान जगन्नाथ पुरी में यात्रा को सुप्रीम कोर्ट ने इजाजत दे दी है।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बिना किसी रूकावट के निकाली जाएगी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। इसी के साथ रथ यात्रा के दारौन पुरी में कर्फ्यू लगाया जाएगा।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि श्रद्धालु यात्रा में शामिल नहीं होंगे। साथ ही कोर्ट ने उड़ीसा सरकार को निर्देश दिया है कि यदि यात्रा के दौरान हालात बेकाबू होते दिखे तो उड़ीसा सरकार यात्रा पर तुरंत रोक लगा सकती है। आपको बता दें कि यात्रा के दौरान शाम से ही धारा 144 लागू कर दी गई है। पूरी में लोगों की भीड़ के बिना यात्रा कराई जाएगी और हर रथ को 500 से ज्यादा लोग नहीं खींच सकते हैं। रथों को खींचने के बीच 1 घंटे का अंतर होना चाहिए। इन सभी का कोरोनावायरस का टेस्ट भी होना चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों को यात्रा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही यात्रा में आने वाली सभी लोगों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। मेडिकल टेस्ट होने के बाद उनकी सेहत जानकारी को भी दर्ज किया जाएगा।

23 जून 2020,  सुबह 9:00 बजे शुरू होगी रथ यात्रा
कोर्ट का फैसला आते ही पुरी में भगवान जगन्नाथ के नारे गूंजने लगे। लोग उत्साह से भर गए क्योंकि हर कोई यही सोच रहा था कि कोरोना के चलते कावड़ यात्रा रद्द हो चुकी है। तो शायद पुरी में भी रथ यात्रा नहीं कराई जाएगी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पूरी में जय जगन्नाथ की यात्रा को मंजूरी दे दी है। जिससे हर तरफ उत्साह का माहौल बन गया है।

शाम होते ही नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन रथ को मंदिर के सिंह द्वार तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई। इसी के साथ आपको बता दे कि  नंदीघोष रथ पर भगवान जगन्नाथ विराजेंगे। साथ ही तालध्वज पर बलराम विराजेंगे और दर्पदलन पर सुभद्रा। और भगवान जगन्नाथ खिचड़ी खाकर रथ यात्रा के लिए निकलेंगे। पुरी महाराज दिव्या रथ सिंह देव छेरा पहरा यानी रथ की सफाई रात 1:00 बजे से शुरू की जाएगी।

रथ खींचने वालों को हुआ कोरोना टेस्ट
इसी के साथ रथ खींचने वालों का कोरोना टेस्ट भी किया जा चुका है। जगन्नाथ भगवान की कृपा से सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है।

अपनी मौसी के घर जाते हैं भगवान जगन्नाथ

भगवान जगन्नाथ रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होती है जो मुख्य मंदिर से शुरू होकर ढाई किलो मीटर दूर गुंडिचा मंदिर में जाती है। शास्त्रोंं की माने तो गुंडिचा भगवान की मौसी है। भगवान जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर यानि अपनी मौसी के घर 7 दिन तक आराम करते हैं और आषाढ़ शुक्ल दशमी को रथ यात्रा फिर जगन्नाथ के मुख्य मंदिर में पहुंचती है।

Written By: Pooja Sahaniya 

YUVA BHARAT SAMACHAR

 

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