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अकेले रहना भी है कला, जानें कैसे?


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बदलते वक़्त के साथ लोग भी बदलते है और उनके साथ-साथ लोगों का रहन-सहन भी बदलता रहता है। ये जिंदगी है यहां सब कुछ बदलता है, कई बार तो खुद को अपना कहने वाले भी बदल जाते हैं, फिर गैरों से कैसी दोस्ती। आज बहुत से ऐसे लोग हैं, जो लोगों के बदलते व्यवहार या किसी मजबूरी के कारण अकेले रह रहे हैं, तो कहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो खुद की किसी मजबूरी के कारण अकेले रहना पसंद करते हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि इंसान अकेले रहना नहीं चाहता पर हालातों की मजबूरी से उन्हें अकेले ही जीना पड़ता है। वे सपनों को पा कर भी सफर में खुश नहीं रह पाते है। अकेले रहना वाकई में आसान काम नहीं होता। जो लोग अकेले रहते है वो या तो अंदर से टूट चुके होते हैं या अपने आप से। और कुछ लोग ऐसे भी है जो अपनी मर्जी से अकेले रहते हैं, जिनमें कई बुनियादी गुण भी होते हैं। आईये, जानते है इनके गुणों के बारे में:
1. अकेले रहने वाले लोग अक्सर अपने आप में ही खुद को संपूर्ण महसूस करते हैं। ऐसे लोग खुद के ही सबसे अच्छे दोस्त भी होते हैं।
2. ऐसे लोग आत्मविश्वास से भरपूर और सकारात्मक सोच रखने वाले होते हैं।
3. ये लोग ऐसी बातों पर जरा भी परवाह नहीं करते कि दूसरे क्या सोचेंगे या फिर क्या कहेंगे? ये अपने मन का काम करते हैं और जिंदगी को भरपूर तरीक़े से जीते हैं।
4. छोटी-बड़ी गलतियों से खुद ही सीखते हैं और भावनात्‍मक रूप से मजबूत होते हैं।
5. ज्यादातर लोग अपने नियम को खुद ही बनाते हैं और उसका कड़ाई से पालन भी करते हैं।
6. ये लोग खुले विचारों के तो होते हैं, लेकिन अपने नैतिक मूल्यों से समझौता कभी भी नहीं करते।
7. इमोशंस ओर फीलिंग्स से लेकर आर्थिक मामलों तक में ऐसे लोग आत्‍मनिर्भर होते हैं।
8. अपने जीवन को स्पष्ट और ईमानदारी से जीते हैं। उतना ही काम हाथों में लेते हैं जितना की वे कर पाएं।
9. ऐसे लोग अकेले तो खुद रहते है लेकिन दूसरों को खुश करने के लिए हर वो काम करते है जिससे दूसरे खुश हो सकें। ऐसे लोग अपनी क्षमता अनुसार ही काम करते हैं और लोगों को खुश भी रखते हैं।

Written by: Annu Choubey

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