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लाइफस्टाइल

बरसात और संक्रमण… ऐसे रखें अपना खास ख्याल

Pooja cloths house

इस उतार चढ़ाव वाले मौसम में अकसर लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में तबीयत का मौसम भी जरा कुछ ढीला ही रहता है और विभिन्न संक्रमण आपको घेर लेते हैं। जिसमें त्वचा, आंख, कान व आंतों का संक्रमण खासतौर पर होता ही है। ऐसे में आपको चाहिए कि आप अपनी सेहत का खास ख्याल रखें। आज हम आपको बरसात में होने वाले विभिन्न तरीकों के संक्रमण और उनके लक्षणों के बारे में बतायेंगे।
त्वचा संक्रमण

  • दो अंगुलियों के बीच में फंगल संक्रमण।
  • अंगुलियों की त्वचा में सड़न के कारण बदबू।
  • फोड़े-फुंसी, खुजली व दाद की समस्या।
  • त्वचा की एलर्जी के साथ त्वचा में खुदरापन।
  • त्वचा का रंग बदलना।

ऐसे करें बचाव-

  • सफाई का खास ख्याल रखें।
  • एक-दूसरे का तौलिया इस्तेमाल करने से बचें।
  • अगर बरसात के पानी से पैर गीले हो गए हो तो उन्हें साफ पानी से धोएं।
  • बारिश में सर भीग जाए तो बालों को भी साफ पानी से धोकर सुखाएं।
  • पानी अच्छी मात्रा में पिएं। और नीम के साबुन से नहाएं।
  • त्वचा रोगियों से सीधे संपर्क में आने से बचें।
  • बरसात में नंगे पांव ना चलें।
  • खानपान का ध्यान रखें। पत्तेदार सब्जियों को खाने से बचें।

कानों का संक्रमण

  • कानों के अंदर या आसपास नमी रहना।
  • कान में दर्द व खुजली होना।
  • कान में से मवाद निकलना।
  • कान की त्वचा का फटना।

ऐसे करें बचाव-

  • नुकीली चीजों को कान के अंदर ना डालें।
  • बारिश में भीग जाने के बाद साफ पानी से स्नान जरूर करें।
  • तैराकी करते वक्त ईयर प्लग का इस्तेमाल करें।
  • बरसात के मौसम में ज्यादा ठंडा खाने-पीने से बचें, इससे जुकाम होने के कारण कानों में भी दिक्कत बन सकती है।

आंखों का संक्रमण

  • आंखों में जलन व खुजली होना।
  • आंखों का लाल रहना।
  • आंखों में दर्द महसूस होना।
  • आंखों मे धुंधलापन महसूस होना।
  • आंखों से पानी निकलना।

ऐसे करें बचाव-

  • बार बार अपने आंखों पर हाथ ना लगाएं।
  • दिन में चार से पांच बार आंखों को ताजे पानी से धोएं।
  • आंखों को बिल्कुल भी मसलें या रगड़ें नहीं।
  • धूप में चश्में का इस्तेमाल करें।
  • खूब पानी पिएं।
  • डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

आंतों का संक्रमण

  • भूख ना लगना व अपच हो जाना।
  • पेट में दर्द, मरोड़ व घबराहट होना।
  • पेट का भारी भारी लगना।
  • पेट में जलन होना या उल्टी दस्त हो जाना।

ऐसे करें बचाव-

  • बाहर का खाना और ऑयली फूड खाने से बचें।
  • पीने के पानी की शुद्घता का ध्यान रखें।
  • तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
  • डायरिया के लक्षण पर नमक चीनी का घोल बनाकर पिएं।
Written by: Vanshika Saini

YUVA BHARAT SAMACHAR

 

MahaLaxmi group of institution
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