"> ');
Home » पॉडकास्टिंग की कहानी समझ आयी क्या?
टेक्नोलॉजी

पॉडकास्टिंग की कहानी समझ आयी क्या?

सांकेतिक चित्र

Pooja cloths house

आपने रेडियो तो सुना ही होगा ना, याद कीजिए कभी ना कभी तो सुना ही होगा। अगर फिर भी नहीं तो शायद आपने एफएम तो बिल्कुल सुना होगा… क्यों है ना। किस तरह से आरजे अपनी बात को आप तक पहुंचाता है और कोशिश करता है कि वो अपनी बातों की पेशकश सरल शब्दों में अतरंगे अंदाज में करें। और समाज के समक्ष एक नया नजरिया रखें। लेकिन कहते है ना कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। और इस नियम के अन्तर्गत धरती, आकाश और पाताल सभी बेबस है। उसी तरह से रेडियो को अगर नए प्रारूप में ले तो हमारे सामने एक नया ट्रेंड कहूं या तकनीक का नाम आ जाता है  “पॉडकास्टिंग”।

सांकेतिक चित्र

दरअसल, पॉडकास्टिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से आप किसी भी संदर्भ में जानकारी हासिल कर सकते है। सामान्य रूप से तो पॉडकास्टिंग को मनोरंजन के माध्यम के तौर पर ही लिया जा रहा है।
अपने शब्दों, आवाज़, तुकबंदी, कहानी या किसी भी अन्य जानकारी को अतरंगे अंदाज़ में अपने श्रोताओं तक पहुंचाना और श्रोतागण को मनोरंजन के साथ-साथ जानकारी देना ही पॉडकास्टिंग है।
हम कह सकते हैं कि किसी भी कंटेंट को ऑडियो फॉर्म में प्रेजेंट करना ही पॉडकास्टिंग है। आमतौर पर इसमें किसी भी कंटेंट को सीरीज की फॉर्म में प्रस्तुत किया जाता है और यह इंटरनेट के माध्यम से काम करता है। प्रस्तुत सीरीज किसी भी विषय वस्तु के ऊपर हो सकती है। आप चाहे तो सीरीज की फॉर्म में किसी की जीवनी भी ले सकते है। और तो और इसमें किसी का लाइफ एक्सपीरियंस भी हो सकता है।

सांकेतिक चित्र

जिस प्रकार से वेब सीरीज का एक ट्रेंड दुनिया भर में काफी प्रचलित हो रहा है। उसी प्रकार लोगों को सिर्फ ऑडियो के रूप में ऐसी सीरीज उपलब्ध कराना ही पॉडकास्टिंग कहलाई जाती है। आज पॉडकास्टिंग प्रिजेंटर्स अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न प्रकार की तिगड़म लगाते हैं।
अगर आपको याद हो तो चाचा चौधरी की एक कॉमिक बुक आया करती थी जिसमें चाचा चौधरी के दिमागी घोड़े सभी रेकॉर्ड्स तोड़ दिया करते थे। लेकिन अब जरा ये भी सोचिए, की अगर इस कॉमिक को ऑडियो फॉर्म में सभी म्यूजिक इफेक्ट्स के साथ सुनाया जाता तो कॉमिक खरीदनी भी नहीं पड़ती और पढ़नी भी नहीं। अगर, ये अगर सच हो जाता तो बस यही पॉडकास्टिंग कहलाई जाती।
कुल मिलाकर पॉडकास्टिंग एक ऐसा माध्यम है जिसके माध्यम से अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाई जा सकती है। पॉडकास्टिंग एक एहसास है , एक अल्फ़ाज़ है, एक आवाज़ है जो सीधे दिल से दिल तक स्थापित होती है। जिसका असर बेहद गहरा होता है। और प्रभाव तो बस पूछिए ही मत, जनाब।

सांकेतिक चित्र

अगर, आपके जहन में कोई कहानी है तो बस बेझिझक कह डालिए। वैसे आजकल ऐसी कोई चीज नहीं है जो पॉडकास्टिंग के जरिए लोगों तक पहुंचाई ना जा सकें। और तो और जो लोग बजट के मारे है, अपनी कहानी या स्क्रिप्ट को सिनेमा या वीडियो का प्रारूप नहीं दे पा रहें है , तो बस अपनी बेहतर आवाज़ के साथ खेल, खेल सकते है। और अपनी एक अलग पहचान बना सकते है।
संभवतः पॉडकास्टिंग भविष्य के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकता है। और रोज़गार के लिए भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म बन सकता है। जिससे लोगों को एक ऐसा किफायती रोजगार  मिलेगा जिसमें मन की शांति और संतुष्टि का तोहफा मिलेगा ही।

Written by: Vanshika Saini

YUVA BHARAT SAMACHAR

We are hiring

Suraj mobile center

Suraj mobile center