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बुरे वक्त में कैसे बने आत्मविश्वासी… जानिए क्या कहती है चाणक्य नीति

chanakya niti

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हमारे जीवन में चाणक्य नीतियों का विशेष महत्व है। चाणक्य एक ऐसे ज्ञानी पुरूष थे। जिन्होंने सभी को राजनीति से लेकर जीवन के मूल मंत्र बताकर धन्य कर दिया। ये चंद्रगुप्त मौर्य के गुरू और प्रधान सलाहकार थे। ये दण्ड नीति और कर के मधु सिद्धांत के प्रतिपादक रहे हैं। इनकी नीतियों को समझने से जीवन के कठिन पड़ाव को भी पार किया जा सकता है। वैसे तो चाणक्य नीति अनेकों है लेकिन हम आपको उन नीतियों के बारे में रूबरू करा रहे हैं। जिन्हें जानकर आप बुरे वक्त से लड़ने के लिए सक्षम हो पाएंगे।

आश्चर्य चाणक्य जी की नीतियों को केवल समझना काफी नहीं है। इन्हें अपने जीवन में उतारना भी बहुत जरूरी है। जब हम अपने जीवन को सबसे अलग और सुखमय बनाना चाहते है तो उसके लिए हमें कुछ हटके करने की जरूरत पड़ती है। चाणक्य ने भी अपने जीवन में कुछ ऐसा ही किया जिससे आज लोग उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलकर जीवन में हर समस्या से निजात पाने की क्षमता रखता है।

बुरे समय से बचने के लिए चाणक्य नीति इस प्रकार हैः

1. कमजोर नहीं, मजबूत बनें

चाणक्य ने कहा कि एक सांप को हमेशा ही जहरीला दिखना चाहिए फिर चाहे उसमें जहर भी ना हो। यानि कि मनुष्य को हर परिस्थिति में खुद को मजबूत बनाकर रखना चाहिए। दूसरों को आभास भी ना हो कि हम किसी समस्या में है। आपकी मजबूती ही एक दिन आपको लड़ना सिखा देगी। जिससे आप अपने बुरे वक्त का सामना भी आसानी से कर सकते हैं।

2. अपने अंदर के डर को दूर करें

चाणक्य नीति कहती है कि सबसे पहले अपने अंदर के डर को समाप्त करें। डर आपको जिंदगी के हर मोड़ पर आगे बढ़ने से रोकता है। जिसके अंदर डर नहीं है वो किसी भी तरह की समस्या से निकलने की शक्ति रखता है। चाणक्य कहते है कि डर आपके पास आकर आप पर हमला करके एक आपको खत्म कर देता है। इसलिए सबसे पहले डर को खत्म करें।

3. खुश रहकर दुश्मनों पर विजय पाएं

आपकी खुशी ही दुश्मन का दुख है। इसलिए बुरे दौर में भी अपने आत्मविश्वास को कायम रखते हुए खुश रहने की कोशिश करें ताकि दुश्मन भी आपके विश्वास को देखकर धोखा खा जाए। चाणक्य नीति में जीवन के दुखों से छुटकारा पाने के लिए आत्मविश्वासी होने सुगम कहा है। चाणक्य कहते हैं कि आपकी खुशी से ही दुश्मन दुखी हो सकते हैं।

4. भूतकाल में सोचना छोड़ दें

गुरू चाणक्य ने कहा है कि भूत को लेकर चिंतन ना करें और भविष्य पर व्यर्थ विचार करना बंद करें, केवल अपने वर्तमान को जिए। सभी के जीवन में कोई ना कोई बुरा वक्त जरूर आता है। यदि हम उसी बुरे वक्त को लेकर जीते रहेंगे तो एक हम अपने वर्तमान को भी खो देंगे। इसलिए चाणक्य नीति में वर्तमान में जीने का परामर्श दिया गया है। जो भी व्यक्ति जीवन में असफलता से सबक लेकर वर्तमान को सफल बनाता है वहीं जीवन में आगे बढ़ सकता है।

सुखी जीवन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है संयम। जब आप बुरे या दुख के समय में धैर्य और संयम के साथ काम लेंगे, तो जरूर बुरे वक्त से छुटकारा पाने का भी उपाय पा सकते है। बताई गई चाणक्य नीति से अपनाकर आप जीवन के सुगम मार्ग को पाने के साथ दुखों का विनाश करने के लिए आत्मविश्वासी बन जाएंगे।

BY: POOJA SAHANIYA
YUVA BHARAT SAMACHAR

 

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