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कोरोना वायरस ही नहीं और भी कई वायरसों ने दुनिया में तबाही मचाई है

Corona Virus

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यदि आज हम सब किसी से परेशान है और छुटकारा पाना चाहते हैं तो वह है कोरोनावायरस। ऐसा वायरस जिसने पूरी दुनिया की नाक में दम कर दिया है। लोगों का रहना, खाना, पीना आना-जाना सब कुछ हराम हो चुका है। इस महामारी से सभी परेशान होने के साथ-साथ आश्चर्यचकित भी है कि ऐसे भी वायरस हैं जो दुनिया को तबाह कर सकते हैं। लेकिन हां यह सच है कि ऐसे बहुत-से खतरनाक वायरस हुए हैं, जिन्होंने मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डाला है। केवल अभी ही नहीं इतिहास में भी वायरस हुए हैं। जिन्होंने दुनिया को हिला कर रख दिया और गहरी दहशत दी। आज हम आपको उन्हीं वायरस के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी चपेट में आने से करोड़ों, लाखों की संख्या में लोग मारे गए और लोगों का महामारी से उबरना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन रहा। चलिए तो हम आपको बताते हैं कि ऐसी महामारी मानव ने कब-कब देखी हैं।

1. स्पेनिश इनफ्लुएंजा
स्पेनिश इनफ्लुएंजा एक ऐसी खतरनाक बीमारी थी। जिसने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। यह बीमारी 1918 में शुरू हुई। जिसने दुनिया में ऐसा कहोराम मचाया कि 5 करोड लोगों की मृत्यु हो गई। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब इतने लोग मारे गए तो कई शहर, कई गांव और कई कस्बों का नामोनिशान तक नहीं रहा होगा। इस बीमारी ने 50 करोड से भी ज्यादा आबादी को प्रभावित किया था। आश्चर्यचकित बात तो यह है कि इस महामारी में 50 साल से कम की अवस्था वालों की मृत्यु ज्यादा हुई थी। इसने भारत में भी बहुत हड़कंप मचाया और एक से दो करोड़ लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस महामारी को सबसे खतरनाक महामारी माना गया।

2. ब्लैक डेथ प्लेग महामारी
प्लेग महामारी दुनिया की सबसे पुरानी महामारी है। इसे ब्लैक डेथ या पेस्ट के नाम से भी जाना जाता है। सन 1386 से 1353 के दौरान यूरोप में प्लेग महामारी तेजी से फैली और अफ्रीका से लेकर एशिया तक अपना कोहराम मचा दिया। प्लेग ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। इस महामारी का कारण था चूहे, दरअसल, यह महामारी चूहे से फैली थी। चूहे के जरिए इससे लोग संक्रमित होते चले गए। पूरी दुनिया में ये बीमारी फैल गई और इससे 20 करोड़ के करीब लोग मारे गए।

3. फ्ल्यू
1918 का साल दुनिया के लिए फिर से एक महामारी लेकर आया, जो फ्ल्यू नाम से जानी गई। जिसने दुनिया भर में कोहराम किया और एक-एक करके लोगों को शिकार बनाती चली गई। इस महामारी से 20 से 50 करोड़ लोगो की जान चली गई थी। ये महामारी इतनी तेजी से फैली कि 7 दिनों में 2.5 करोड़ लोगों को अपना शिकार बनाया। सबसे ज्यादा दुख की बात तो है यह है कि इस महामारी ने युवाओं को सबसे ज्यादा अपनी चपेट में लिया।

4. एचआईवी एड्स
एड्स नामक खतरनाक बीमारी की शुरुआत 1976 में हुई। इस वायरस ने पूरी दुनिया में पैर पसार लिए और साल 1976 के बाद एड्स के कारण 4 करोड़ के करीब लोगों की मौत हो गई। अभी तक यह बीमारी खत्म नहीं हुई है और लगातार लोगों को अपनी चपेट में लेती रही। दुनिया में 3.5 करोड़ इससे संक्रमित हैं लेकिन ज्यादातर अफ्रीकी देश में एड्स के मरीज है। क्योंकि वहीं से इसकी शुरूआत हुई। 2005-2012 तक एचआईवी एड्स का प्रभाव ज्यादा रहा। इस बीमारी ने अभी तक पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है और रिसर्च के बावजूद भी आज तक इसका इलाज नहीं मिल सका। भारत भी इस बीमारी से नहीं बच सका और इस बीमारी के मरीज लगातार पाए जाते हैं।

5. जस्टिनियन प्लेग
जस्टिनियन प्लेग नामक बीमारी ने 541-42 में यूरोप को बर्बाद कर दिया था। इस बीमारी का असर इतना ज्यादा हुआ कि हर दिन हजारों की संख्या में लोगों की मृत्यु हुई। 1 साल के अंदर ढाई करोड़ की मौत चुकी थी। इससे बचने के लिए भी यूरोप को कोई उपाय नहीं मिला और धीरे-धीरे करके पूरी दुनिया इस बीमारी से प्रभावित हो चुके थे। इस बीमारी को बुबोनिक बीमारी के नाम से भी जाना गया।

6. एंटोनाइन प्लेग
एंटोनाइन प्लेग 165 नामक बीमारी से 50 लाख लोगों की मौत हुई। ये बीमारी साल 165 में आई थी, जिसने एशिया, मिस्त्र, यूनान और इटली को सबसे ज्यादा अपनी चपेट में लिया। इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण चेचक को माना गया। इस बीमारी ने लोगों को सबसे ज्यादा परेशान किया।

7. एशियन फ्लू
सन 1956 में एक बार फिर से दुनिया ने महामारी को देखा। एशियन फ्लू 1 ग्रेड इनफ्लुएंजा है जो H2N2 से फैलता है। यह बीमारी 2 साल तक रही और सिंगापुर और हांगकांग से लेकर अमेरिकी फैल गई। सबसे ज्यादा इसने अमेरिका के लोगों को अपनी चपेट में लिया जहां 70 हजार के करीब लोगों की मौत हो चुकी थी। दुनिया में 20 लाख लोगों को एशियन फ्लू ने अपनी चपेट में लिया।

8. हांगकांग फ्लू
23 जुलाई 1968 को हांगकांग फ्लू के नाम से एक और महामारी फैली। जिसने कुछ ही दिनों में पूरी दुनिया में तबाही मचा दी। यह बीमारी मात्र 3 महीने में भारत समेत ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका में भी फैल गई। लेकिन खैरियत की बात यह रही कि इस बीमारी से 5 फ़ीसदी लोगों की मौत होती थी। हांगकांग में यह बीमारी बहुत ज्यादा फैल चुकी थी। इसलिए वहां पर 5 लाख लोगों को हांगकांग फ्लू ने अपना शिकार बना लिया था।

9. फ्ल्यू
1989 में फ्ल्यू महामारी हुई। इसे एशियन फ्लू का नाम से जाना गया था। जो H2N2 से फैलता था. इस बीमारी से 10 लाख लोगों की मौत हुई। मध्य एशिया के तुर्किस्तान में सबसे पहले इस बीमारी की पहचान हुई। जिसके बाद उत्तर-पश्चिम कनाडा, ग्रीनलैंड में यह बीमारी फैलती चली गई। इस तरह की बीमारियां बैक्टीरिया और वायरस से बड़ी तेजी से फैलती हैं। जब तक इनका इलाज मिलता है तब तक लाखों लोग मौत की नींद सो जाते हैं।

10. तीसरी श्रेणी का हैजा
हैजा नामक रोग की शुरुआत 19वीं शताब्दी में हुई। प्रभावित 1852 से 68 के बीच हुआ। इस रोग की शुरुआत भारत से हुई और फिर यह धीरे-धीरे करके पूरे एशिया में फैल गया। यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका तक इसने अपने पैर पसार दिए। इससे 10 लाख लोगों की जान चली गई दरअसल, इस बीमारी का कारण गंदा पानी था जिससे लोग इस बीमारी की चपेट में आए।

11. हैजा
साल 1910 में हैजा के कारण 8 लाख लोगों की जान चली गई। ये बीमारी उतनी खतरनाक नहीं मानी जाती है लेकिन जब यह पानी के माध्यम से फैलती है तो सभी लोगों को अपनी चपेट में ले लेती है। इसकी चपेट में अफ्रीका, यूरोप और रूस भी आए. समय-समय पर इस बीमारी के प्रति लोग एक्टिव होते चले गए जिससे इस बीमारी से छुटकारा मिलता गया।

12. कोरोना वायरस
चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनावायरस आज पूरी दुनिया में पैर पसार चुका है।
इस वायरस से पूरी दुनिया में कोरोड़ों की संख्या में लोग प्रभावित हैं। भारत में जनवरी में कोरोना वायरस का पहला केस सामने आया और आज 2 करोड़ से भी ज्यादा मामले पहुंच चुके हैं। जिसमें 25,000 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि पूरी दुनिया में 3 करोड़ से ज्यादा कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा पहुंच चुका है।

मानव इतिहास में महामारियों के कारण लाखों-करोड़ों लोगों की जान चली गई। यदि इन महामारियों का समय से इलाज मिल पाता तो शायद इतने लोगों की मौत ना होती। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस संपर्क में आने से सबसे ज्यादा फैलता है। इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। इस तरह की महामारी से बचने के लिए सावधानी ही एक मात्र इलाज है। जहां आपने सावधानी हटाई वहीं आपको भी ये अपनी चपेट में लेने से देर नहीं लगाएगा।

BY: ANKITA
YUVA BHARAT SAMACHAR

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