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10 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देगा दिखाई, जानें क्यों?

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-एक मास में दो ग्रहण विश्व में उथल पुथल मचाने वाले होते हैं
10 जून 2021 दिन बृहस्पतिवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या है। इस दिन सूर्य ग्रहण भी है। बता दें कि लेकिन यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं है।
भारत के स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार 13:43 से 18:41 बजे तक यह ग्रहण ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चीन, कनाडा, डेनमार्क ,फ्रांस ,जर्मनी, हंगरी ,इटली, मंगोलिया, नार्वे ,पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, इंग्लैंड ,अमेरिका आदि देशों में देखा जा सकेगा।
भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा इसलिए ग्रहण संबंधी सूतक भारत में मान्य नहीं होगा और ना ही किसी राशि पर प्रभाव पड़ेगा।
किंतु यह ग्रहण वृषभ राशि में मृगशिरा नक्षत्र में पड़ रहा है। जो विश्व के लिए शुभ नहीं है। इससे पहले पूर्णिमा को भी चंद्रग्रहण था।
ज्योतिष के अनुसार यदि एक महीने में दो ग्रहण पडते हैं ।तो विश्व में उथल-पुथल मचाने वाले होते हैं। कई देशों की सत्ता प्रमुख सत्ता खो देते हैं। तख्तापलट और जनधन की हानि की घटनाएं बढ़ती हैं तथा प्राकृतिक आपदाएं विशेषकर चक्रवात व भूकंप आने की बहुत संभावनाएं होती हैं।

वट सावित्री अमावस्या पूजन मुहूर्त
10 जून को वट सावित्री अमावस्या भी है। इसके लिए ग्रहण आदि का विचार नहीं होगा ।सामान्य रूप से महिलाएं अपने सुख सौभाग्य के लिए पूजन कर सकती हैं। रोहिणी नक्षत्र में वट पूजन किया जाना बहुत ही श्रेष्ठ होता है।
10 जून को प्रातः 10:45 बजे तक वृषभ के चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र उपस्थित रहेगा। जो सौभाग्यवती महिलाओं के व्रत के लिए बहुत ही शुभ है। प्रातः काल सूर्योदय से 11:43 बजे तक महिलाएं वट सावित्री अमावस्या का पूजन कर कहानी सुन सकती हैं पौराणिक कथाओं के अनुसार पतिव्रता नारी सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण बचाने के लिए यमराज को भी निरुत्तर कर दिया था। और अपने पतिव्रत धर्म के बल पर अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे।

 पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिषाचार्य 
अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद

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