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क्या आपको पता है उत्तराखंड के जिम कार्बेट नेशनल पार्क का पुराना नाम और इसकी रहस्यमय बातें?

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हमारा देश कई रोचक चीजों से भरा हुआ है, यहाँ में बहुत सी ऐसी चीज़ें देखने या फिर सुनने को मिलती हैं जो हैरान कर देती हैं ..!!! उन्हीं में से एक हैं हमारे यहाँ के जंगल और उन में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के जानवर। हमारे यहाँ के जंगल जितने ही सुन्दर होते हैं उतने ही घने भी, साथ ही साथ यहाँ पर पाए जाने वाले जानवर जितने भयानक होते हैं उतने ही अद्भुत भी। आज आपको देश के उन्हीं घने जंगल और प्राकृतिक सुंदरता से भरे एक जंगल के बारे में बताते हैं।  उत्तराखंड राज्य का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क प्रकृति सौंदर्य और जंगली जीवों से भरा हैं, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक भी आते हैं, आपकों बता दें भारत की जमीन पर 70 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 500 से अधिक जंगली जीवों का बसेरा हैं। उन्हीं में से एक जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से जोड़ी कुछ अनोखी बातें आपकों बताते हैंः
हैली नेशनल पार्क
1. हैली नेशनल पार्क, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही पुराना नाम हैं। महान प्रकृति प्रख्यात संरक्षणवादी स्वर्गीय जिम कॉर्बेट की स्मृति के रूप पार्क को कॉर्बेट नेशनल पार्क के नाम से 1957 में प्रसिद्ध हुआ। जबकि यह पार्क 1936 ईस्वी में स्थापित हुआ था। जिम कार्बेट नेशनल  पार्क 521 वर्गमीटर में फैला हुआ हैं।
2. इस पार्क में 488 विभिन्न प्रजातियों के पौधे, 110 प्रकार के पेड़, 51 प्रकार की झाडियां, 30 प्रकार के बांस, 50 स्तनपायी नस्ल के प्राणी, पक्षियों के 580 जातियां, 25 प्रकार के रेंगने वाले जीव पाए जाते हैं। इस पार्क में विभिन्न प्रकार के सुंदर-सुंदर पुष्प और वन्यजीव भी पाए जाते हैं। रघुराई तथा जगदीप, राजपूत (जो कि जाने-माने फोटोग्राफर हैं) ने वन्य जीवन के सौंदर्य को अपने चित्रों में केंद्रित किया है।
 इस प्राकृतिक पहाड़ों की गोद में चीते केे अलावा हाथी, बाघ, चीता, चीतल, सांभर हिरण, बार्किंग हिरन, नीलगाय, घड़ियाल, किंग कोबरा, मुंतजिक, पाढ़ा, जंगली सूअर, स्लोथ भालू, घूरल, लंगूर, रेसस बंदर, हेजहोग, आम मस्क श्रू, फ्लाइंग फॉक्स, इंडियन पैंगोलिन,नाकॅटरनल बिल्लियां, जंगली बिल्लियां,स्लोथ भालू,भी शामिल हैं। यह पार्क प्रोजेक्ट टाइगर का भी एक अहम हिस्सा है।
3. इतने सारे भयानक जानवरों के बीच कोमल और नाजुक पक्षी भी मेल जोल से रहते हैं। और यह सौंदर्य के प्रतीक सबका ध्यान अपनी ओर करना नहीं भुलते जैसा कि मोर, तीतर, कबूतर, उल्लू, हॉर्नबिल, बार्बिट, चक्रवाक, मैना, मैगपाई, मिनिवेट, चिड़िया, टिट, नॉटहैच, वागटेल, सनबर्ड, बंटिंग, ओरियल, किंगफिशर, ड्रोंगो, कबूतर, कठफोडवा, बतख, चैती, गिद्ध, सारस, जलकाग, बाज़, बुलबुल और फ्लायकेचर आदि।
4. आपको बता दें कॉर्बेट नेशनल पार्क और बहुत खूबसूरत हो जाता हैं जब राम गंगा नदी के किनारे हमें घड़ियाल और मगरमच्छ भी देखने को मिलते हैं, तो कभी शेर या चीता की डरावनी आवाज़ सुने को मिलती हैं। वहीं लंगूर तथा रीहस्स बंदर भी उछल कूद करते दिखाई देते हैं।
5. इस जंगल की आर्कषकता पार्क के प्रवेश द्वार से ही समझी जा सकती हैं। इस पार्क के 4 द्वारा हैं (अमदंडा द्वार, धनगरही द्वार, खारा द्वार और दुर्गा देवी द्वार), हर द्वार में प्रवेश करके के बाद जंगल का एक अलग ही रूप देखने को मिलता हैं। पाटिल दून घाटी के किनारे स्थित ढिकाला भी अच्छी घूमने की जगह हैं क्योंकि इसकी पृष्ठभूमि में कांडा पर्वतश्रेणी है। कलागढ़ बांध जो कि एक अन्य स्थान उद्यान के दक्षिण पश्चिम में स्थित हैं। प्रवासी पक्षी मुख्य रूप से मुरगाबी देखने को मिलते हैं।  यह भी घूमने केे लिए उचित स्थान हैं ||
6. भारत का सबसे पुराना यह राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के निकट पंतनगर हवाई अड्डा है जिससे जंगल की दूरी लगभग 80 किलोमीटर हैं। वहीं 5 किलोमीटर की दूरी पर रामनगर रेलवे स्टेशन है।
BY: ASMITA SHUKLA
YUVA BHARAT SAMACHAR

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