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जल्दबाजी में ना लें Mutual Fund Investment  करने का फैसला, नहीं तो हो सकता है भारी नुकसान


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अगर आप भी सोच रहें है म्यूचुअल फंड में निवेश करने के बारे में तो रखें इन बातों का ध्यान

आज के दौर में हर कोई अपनी सेविंग्स को सही व सुरक्षित तरीके से बचाना व बढ़ाना चाहता है। और ऐसे में म्यूचुअल फंड में निवेश करने से बेहतर रास्ता कोई और हो ही नहीं सकता। लेकिन क्या है ये म्यूचुअल फंड और कैसे करता है काम… साथ ही क्या है इसके फायदें, ये सारी बातें आज हम आपको बतायेंगे।

क्या होते है म्यूचुअल फंड?

आमतौर पर अधिकतर लोग म्यूचुअल फंड के नाम से ही घबरा जाते हैं, लेकिन इसमें घबराने जैसा कुछ भी नहीं होता। असल में म्यूचुअल फंड में कई लोगों का पैसा लगाया जाता है और निवेशकों के इस पैसे को अलग-अलग प्रकार के व्यवसायों, जैसे शेयरों व बॉन्ड मार्केट आदि में लगा दिया जाता है। अब जब इस सामूहिक निवेश के बाद जो लाभ होता है, उसे निवेशकों में सही अनुपात में बांट दिया जाता है। ऐसा करने से फंड प्रंबधन के साथ साथ आम आदमियों को तो भी फायदा हो जाता है।

लेकिन ऐसे में ये बेहद मुश्किल हो जाता है कि आखिर किस फंड में इंवेस्ट करना सही रहेगा। या कोई कंपनी पैसे लेकर भाग तो नहीं जायेगी…या निवेश करने के बाद तय की गई धनराशि मिलेगी भी या नहीं…ऐसे कई सवाल मन में आते है और कहीं ना कहीं असुरक्षा का भाव उत्पन्न कर देते है। और शायद इसीलिए काफी लोग आज भी निवेश करने से बचते है। लेकिन थोड़ी सी जांच और समझदारी से आपके सभी डर गायब हो सकते हैं।

सही म्यूचुअल फंड

म्यूचुअल फंड को सभी छोटी बड़ी जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया जाता है ताकि सभी लोग अपनी क्षमता के अनुसार निवेश कर सकें। सबसे पहले तो इस बात पर ध्यान देना होगा कि आखिर आपकी जरूरत क्या है, कितनी है और आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं।

क्योंकि अवधि व जरूरत के हिसाब से अलग अलग म्यूचुअल फंड बनाये गये हैं। जैसे अगर हमें  साल-दो साल के लिए निवेश करना है, तो उसके लिए अलग म्यूचुअल फंड होंगे। ऐसे में आप डेट फंड या लिक्विड फंड चुन सकते हैं। वहीं अगर आप 5,7 या 10 साल अधिक समय के लिए इंन्वेस्ट करना चाहते है तो इक्विटी म्यूचुअल फंड सही रहते है।

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जोखिमों का रखें विशेष ध्यान

निवेश करते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि आपकी पूंजी सुरक्षित रहे। और रिटर्न के वक्त कोई भी परेशानी ना हों। इसीलिए हमेशा ध्यान रखें कि हम कितना जोखिम ले सकते हैं क्योंकि ज्यादा रिटर्न के लिए ज्यादा जोखिम लेना पड़ता है। हमेशा ऐसे ही फंड चुनाव करें जहां रिटर्न और रिस्क में संतुलन बना रहे।

पूरी जानकारी ले

समय के साथ सब कुछ बदल जाता है, जरुरी नहीं जो बातें आपको निवेश करने से पहले बताई गई हो वो सालों तक भी वैसी ही रहें। मतलब ये जरूरी नहीं कि एक म्यूच्यूअल फंड पहले के ही जैसे रिटर्न आगे भी रिटर्न देता रहेगा इस बात की कोई भी गारंटी नहीं होती हैं। लेकिन अलग-अलग फंड्स के पिछले प्रदर्शन से अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है। इसीलि इन फंड्स की रेटिंग की जांच भी बेहद जरूरी हो जाती है।

फंड हाउस पर भी डाले नज़र

किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम में पैसे लगाने से पहले उसकी देख रेख करने वाले मैनेजर का रिकॉर्ड चेक करना भी बहुत जरुरी होता हैं। साथ ही फंड हाउस कितने समय से काम कर रहा है व उसकी दूसरी स्कीमों का परफॉर्मेंस कैसा है ये सारी बातें बेहद जरूरी होती है इसीलिए इन्हें बिल्कुल भी स्किप ना करें। इसी के साथ कंपनी की बाजार में कैसी वेल्यू है ये सब जानना भी काफी अहम भूमिका निभाता हैं।

साथ ही आप उस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर भी जानकारी हासिल कर सकते है। किसी भी निवेश से पहले हमे थोड़ा समय उस कंपनी से जुड़ी बातों को जानने में देना चाहिए ताकि आगे कोई जोखिम न उठाना पडे।

Written By: Vanshika Saini

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